डॉ मसानिया के नाम 6 नवाचार रिकॉर्ड दर्ज

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देश की प्रसिद्ध रिकार्ड पत्रिका ‘ महाराष्ट्र बुक ऑफ रिकार्ड्स ‘ में शा उत्कृष्ट उ मा वि आगर के शिक्षक डाॅ दशरथ मसानिया के नाम शैक्षणिक नवाचार के 6 रिकार्ड दर्ज किये गये है। इस उपलब्धि पर पत्रिका ने इन्हें विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया है। जो ISSN no.23490446 पृष्ठ क्रं 32-33 पर अंकित है।

1 .मालवी की पहली बार 1000 लोकोक्तियां – 2005
2 .अंग्रेजी की समान ध्वनि पर आधारित 1000 शब्दो का बाल शब्दकोष -2006

  1. संस्कृत व्याकरण सार एक चौथाई कागज पर – 2009
  2. गणित गायन के 68 दोहे –2018
    5 . हिन्दी भाषा शिक्षण मात्र 220 दोहों में -2019
    6 . एक वर्ष लाकडाउन मे 55 चालिसाओं का प्रकाशन -अप्रेल 2020 से मार्च 2021 तक

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।