नया तमाशा

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वे
तमाशा दिखा रहे हैं
तमाशबीन है देश
दुनिया…………..।
रोज नया तमाशा
या नया-सा दिखाई देने वाला तमाशा,
हर चीज तमाशे में
बदलती जा रही है।
हर आदमी
हर आवाज
हर कराह और चीख
उनके कानों तक
सुगम संगीत की तरह ही पहुंचती है।
हर दृश्य,
हत्या,बलात्कार,प्रदर्शन, प्रोसेशन,
भूखमरी,आईपीएल,रेस, दंगा,हिंसा-आगजनी,
जीएसटी,संसद……….
सब मनोरंजन है।
सब मुनाफा है,टीआरपी है,वोट है,
सब जनसंख्या में बदल रहे हैं
जनसंख्या और मौसम बदलते रहते हैं।
देश की संसद की रंगमंच पर,
तमाशा चलता रहना चाहिए
बाहर पर्दे पर बहस का तमाशा,
सड़कों पर रोड-शो का तमाशा।
जनसंख्या
की अधिकता का तमाशाई रुप
सभाओं में,रैलियों में
एक ही रंग की भीड़
औचित्यहीन
तमाशा बना दी गई
जन-चेतना
असली तमाशा है।
वे दर्शक हैं
वे
भद्दे हैं
क्रूर हैं
पर वे सुन्दरता,
दया खरीद सकते हैं
इसलिए  वे
मदारी हैं
डमरु और डंडा उनके हाथ में है
हम सब
जमूरे……।
तभी तो जमूरे के नाम पर मांगा गया
सब कुछ,
मदारियों की जमात के पेट में
चला जाता है।
————–०-#संजीव जैन, इंदौर

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।