बहुत याद आए

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बहुत याद आए ,
बचपन प्यारा।
सुन्दर सलोना ,
समय प्यारा प्यारा।

ना सोने की चिंता।
ना उठने जल्दी ।
ना काम कोई था,
ना कोई भी जल्दी ।

वो गुड्डा गुड़िया की,
शादी निराली।
वो नाचना मस्ती में,
बनके बाराती।

वो गुल्ली डण्डा,
साइकिल चलाना।
वो खो-खो, कबड्डी,
वो नाव बनाना।

वो नदी में नहाना।
पेड़ों पे चढ़ना,
वो कंकड़ खेलना,
मेड़ों पे चलना।

वो यारों से मिलना,
लड़ना झगड़ना।
झट रूठ जाना,
फिर मान जाना।

वो दूध,मलाई,
वो माखन रोटी।
शिकायत करना,
वो झूठी मूठी।

वो ऊँची मचान से,
चिड़ियाँ उड़ाना।
वो खलिहानों में ,
बकरी चराना।

वो रंगीन कम्पट,
चूरन की पुड़िया।
दादी का बुलाना
ओ मेरी गुड़िया।

नानी की कहानी,
वो एक राजा रानी।
आए अँखियों में ,
फिर निंदिया रानी।

वो चूल्हे की रोटी,
बैंगन का भुर्ता,
माँ का बनाया,
वो ढीला कुर्त्ता।

वो माँ का आँचल,
दुलार पिता का।
मिल जाए काश,
वो पल बचपन का।

दुनियाँदारी से,
पीछा छुड़ाऊँ।
एक बार फिर से,
बचपन जी जाऊँ।

स्वरचित
सपना (स. अ.)
जनपद औरैया

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।