हालात

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पराई
जब हम छोटे थे
तब हमें समझाते थे
की लड़की
पराया धन है
जब
थोड़े बड़े होते गए
अब समझ में आया
अपनी लड़की
बहन बेटी बुआ
यह सब है
लड़की वो भी है
जो हमारे घर में आई है
मम्मी दादी पत्नी चाची ताई
पर यह तो हो
पराई नहीं है
मां की ममता
दादी की कहानी
पत्नी की सेवा
चाची का प्यार
ताई की मोहब्बत
इन सब के साथ
यह जुड़ी हुई है
फिर हम अपनी लड़की
को पराई क्यों समझते हैं
क्या कारण है इसके पीछे
लड़की
किरण बेदी कल्पना चावला
झांसी की रानी प्रतिभा पाटिल इंदिरा गांधी आदि
यह भी लड़कियां रही है किसी की
आजकल
घर हो या रण का मैदान
लड़कियां कभी पीछे नहीं हटती
यह हमारे दिमाग का
वहम है
यह कब खत्म होगा
पता नहीं
क्या है इसके पीछे मानसिकता
जरा सोचो
खुल कर सोचो…….।


हालात
आज मेरी नाजुक हालात
शारीरिक ,राजनीतिक ,सामाजिक
लोग मुझ पर तंज कसते हैं
नाजुकात के
यह नाजुकता
समाज ने दी
ऐसे हालात घर से बने
आज लोग मेरी नाजुकता का
फायदा उठाते हैं
क्योंकि शरीर कमजोर हो गया है
अब बस मैं और मेरी कमजोरी
बसे हुए हैं और इन दोनों का मेल है
इस जैसे मांसपेशी और हड्डी
आप समझो
ऐसी हालात क्यों बनी

आज मुझ पर लोग हंसते हैं

खान मनजीत भावड़िया मजीद
सोनीपत

matruadmin

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।