ग़ज़लकार अहद प्रकाश का निधन, हिन्दीग्राम ने दी श्रद्धांजलि

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इंदौर।

सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार व ग़ज़लकार, मातृभाषा उन्नयन संस्थान के संरक्षक अहद प्रकाश जी का आज तड़के राजधानी भोपाल के निजी अस्पताल में अकस्मात निधन हो गया है।

17 जून 1951 को मध्यप्रदेश के बरेली, रायसेन में जन्में 70 वर्षीय अहद प्रकाश जी एक अलहदा ग़ज़लकार रहे है। आपकी बाल कविताएँ भी बाल मन को छूने का ग़ज़ब हुनर रखती थी। आपने कई किताबें लिखी है।
हाल ही में उनका ताज़ा ग़ज़ल संग्रह ‘शहर दर शहर ग़ज़ल’ संस्मय प्रकाशन से प्रकाशित होकर आया था, जिसका विमोचन होना तय ही हुआ था।
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने कहा कि ‘अहद प्रकाश जी का यूँ अकस्मात चले जाना मेरे लिए निजी क्षति तो है ही किन्तु साहित्यिक जगत ने भी एक बाल मन का एक प्रेमी और कुशल चितेरे खोया है। यह साहित्यिक बिरादरी के लिए अपूरणीय क्षति है। अहद जी के साहित्यिक अवदान को रेखांकित किया जाएगा।’
उनके निधन पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ सहित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ नीना जोशी, राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन, कार्यकारिणी सदस्य भावना शर्मा, नितेश गुप्ता, सपन जैन, हिंदी योद्धा जलज व्यास, लक्ष्मण जाधव आदि तमाम सदस्यों ने गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।