दीपावली पर्व के पावन अवसर पर देशभर के पचपन कलमकार सम्मानित

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आगरा |

बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी के सौजन्य से महापर्व दीपावली के पावन अवसर पर देशभर के पचपन कलमकारों को सम्मानित किया गया | गत बीते दिवसों में संस्था ने ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रविष्टियां आमंत्रित की थी |

चयनित कलमकारों को दो सौ रुपये कीमत का सत् साहित्य व सम्मान पत्र सहित संस्था की वार्षिक सदस्यता निशुल्क प्रदान की गई | सम्पूर्ण सामग्री पंजीकृत डाक / कोरियर से प्रतिभागी के पते पर प्रेषित की जा चुकी है | अन्य सभी प्रतिभागियों को आकर्षक सम्मान पत्र भेजे जा चुके हैं | संस्था अध्यक्ष – मुकेश कुमार ऋषि वर्मा ने बताया कि अगला कार्यक्रम 2021 में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित किया जायेगा | जिसके लिए देशभर से साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार, खिलाड़ी, समाजसेवी आदि सम्मानार्थ प्रविष्टियां भेज सकते हैं |

बृजलोक अकादमी समय-समय पर इस तरह के आयोजन करती रहती है | बृजलोक अकादमी अपने सीमित संसाधनों के बावजूद जल्द एक सहयोगी संकलन – कालेश्वर ज्योति का प्रकाशन कर रही है, जो प्रेस में जाने के लिए तैयार है | ग्रामीणांचल में संस्था चलाना बहुत कठिन कार्य है | एक जुनून के सहारे सभी कार्य सम्पन्न हो रहे हैं | कुलमिलाकर संस्था का कार्य काबिले तारीफ है, देशभर से प्राप्त अभिमतों से यही सिध्द होता है |

– मीडिया प्रचार-प्रसार प्रकोष्ठ
       बृजलोक अकादमी

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।