बाप धूप में मां चूल्हे में रोज जलती है

Read Time0Seconds

बाप धूप में,माँ चूल्हे में रोज जलती है,
तब कहीं औलाद मुश्किल से पलती है |

बड़े होकर कहे,क्या किया है तुमने हमारा ,
यही बात माँ बाप को हमेशा खलती है |

करते है काम माँ बाप सुबह से शाम,
तब कही गृहस्थी की रोटी चलती है |

हो जाती हैअलगऔलाद शादी के बाद,
यही बात तो माँ बाप को खूब खलती है |

कर न बैठे कुछऔलाद गुस्से में आकर,
कभी कभी ये बात मस्तिष्क में पलती है |

और क्या लिखे रस्तोगी,औलाद के बारे में ,
यह सोच कर कलम भी न उसकी चलती है

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

0 0

matruadmin

Next Post

व्यवहार

Fri Oct 30 , 2020
सद्व्यवहार करों सभी से शिकवा न करों किसी से जन जन अपने बन जाएं ऐसा व्यवहार करों सभी से बुरा न सोचो,व्यर्थ न सोचो अच्छा ही बोलो हर किसी से सबके प्यारे बन जाओगे भलाई सीखो हर किसी से कोई भी बुरा न कर पायेगा सदभाव बढ़ाओ हर किसी से […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।