स्वतंत्रता दिवस

Read Time0Seconds

चलो आजादी का पर्व मनाते हैं
झूठा ही सही
स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं
तिरंगे को जो भुनाते हैं
झूठें देशभक्तों को
हम सलाम करते हैं
स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं |

संसद में बैठे भेड़ियों को
वोट का दान करते हैं
अंग्रेजी मानसिकता से ग्रसित
लालफीताशाही का गुणगान करते हैं
स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं |

खादी के चरणों में लोटपोट होती खाकी
नेतारूपी कीड़ा, फसल रूपी देश को चट करता
गुंडा, माफिया आखिर खाकी से क्यों नहीं डरता ?
मेरा गरीब भारत रोज – रोज मरता |

हम पी रहे नित धर्म की घुट्टी
और कर रहे इंसानियत की छुट्टी
सच तो ये है कि मेरे देश के झंडे का रंग बदला है
बाकी वही सब अंग्रेजों वाला है
एक लुटेरा जाता है तो दूसरा आता है
भारत माँ का चीर हरण कर जाता है |

देश बिक गया पूँजीपतियों के हाथों में,
हम ताली-थाली रहे बजाते
सैनिक सीमा पर शौर्य प्रदर्शन रहे दिखाते
और हम नेताओं को भगवान रहे बनाते
नेता स्विस खाते करते रहे लबालब
चलो सब छोड़ो –
स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं ||

  • मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
    फतेहाबाद, आगरा
0 0

matruadmin

Next Post

फिर बजेंगी स्कूलों की घंटी

Sun Aug 9 , 2020
चिडिया चूँ – चूँ करती आई कोयल गाना गाती आई । परिंदों का स्वर नभ में गूँजा रश्मि प्रभा भी मुस्काती आई ।। मम्मी-पापा सबका यह कहना घर में रहना , घर पर ही पढ़ना । दादी हमें अच्छी बात समझाती फिर खुलेंगे स्कूल धैर्य रखना ।। घर – घर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।