कवि नहीं वह अभिनेता है

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कुछ लोगों को लगता है
कि वह एक कवि है
क्योंकि वह कविताएँ लिखता है
परंतु कविताएँ लिखी नहीं जातीं
उनका तो जन्म होता है
कविताएँ उन्मुक्त होती हैं
किंतु वह उन्हें बाँधकर रखना चाहता है
अपनी संकीर्ण मानसिकता की परिधि में

वह अपने गाँव में रहता है
गाँव में रहना विवशता है उसकी
क्योंकि नगर ने उसे कभी नहीं अपनाया
इसलिए वह अपनी कविताओं में
नगरों को नीचा प्रमाणित करने का
असफल प्रयास करता रहता है
जो उसके विचारों से सहमत नहीं होता
वह उससे घृणा करने लगता है

श्रमिकों की व्यथा लिखता है वह
लेकिन उन्हें पूरा पारिश्रमिक कभी नहीं देता
अपनी कविताओं में वह
जेठ की दोपहर में
खेतों में काम करने वाली युवतियों को
विश्व सुंदरियाँ कहता है
परंतु देखता है वह उन्हें ऐसे
जैसे गिद्ध देखता है शव को

करके सेवन तंबाकू का
धूम्रपान का दुष्प्रभाव लिखता है
अपनी कविताओं में
अपना वास्तविक चरित्र
कभी अनावृत नहीं करता है
कवि नहीं वह अभिनेता है
क्योंकि वह
कवि होने का अभिनय करता है

मनीषा कुमारी आर्जवाम्बिका
अररिया (बिहार)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।