चाइना के विरोध में उतरे गुरव समाज के बच्चे, चाइनीज खिलौने नही खरीदने की अपील ।

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चीनी सैनिकों द्वारा गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर किए गए हमले का गुस्सा बालमन पर भी बड़ा गहरा पड़ा है। शहर के बच्चों ने मेड इन चाइना के खिलौनों का विरोध भी शुरू कर दिया है। बच्चों का कहना है कि जो देश हमारे सैनिकों पर बेवजह हमला करता है । उसके खिलौनों से अब हम नहीं खेलेंगे। हम अपने इंडियन खिलौनों से ही खेलेंगे।मीडिया प्रभारी हेमन्त मोराने ने बताया कि ऐसी ही एक अपील गुरव समाज की बालिकाओं जाह्नवी, माही व निष्ठा, तनय सुहानी, मानसी, ईशिका ने अपने हाथों में बोर्ड लेकर उस पर स्लोगन लिख कर चाइनीज टॉयज से ना खेलने की अपील की साथ ही चायना के कोई भी प्रोडक्ट उपयोग नही करने की बात कही। बालिकाओ ने कहा कि में चायना का कोई खिलौना नही खरीदूंगी न ही उनसे खेलूंगी। बच्चों का कहना है कि चीनी सैनिक नहीं मानेंगे तो हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी और भारतीय सेना उनके यहां घुसकर उनको जवाब देंगे। बालिका ने सोशल मीडिया फेसबुक व्हाट्सएप के जरिये भी वीडियो बना कर और बच्चों से भी अपील कि आप अपने घर में चाइनीस टॉयज लेकर नहीं आए। अपने देश में बने खिलौनों से ही खेलें। 

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matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।