पावन पर्व गुरूपूर्णिमा के अवसर पर ऑनलाइन साहित्य साधना कार्यक्रम सम्पन्न

Read Time2Seconds

आगरा | गुरूपूर्णिमा के पावन अवसर पर बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी के सौजन्य से एक ऑनलाइन साहित्य साधना एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया | जिसमें देशभर के कलम साधकों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई | जिनमें प्रमुख हैं –

डॉ. तुमुल विजय शास्त्री (चन्दौसी – उ. प्र.), इला सागर रस्तौगी (मुरादाबाद -उ. प्र.), डॉ. सुनील कुमार परीट (बेलगाम – कर्नाटक), डॉ. अजीत श्रीवास्तव राज (बस्ती – उ. प्र.), डॉ. सिकन्दर लाल (प्रतापगढ़ – उ. प्र.), प्रकाश कुमार अग्रवाल (पश्चिम मेदिनीपुर – पं. बंगाल) आदि | उक्त सभी सम्मानित महानुभावों को 200 रुपये कीमत का सत् साहित्य व आकर्षक सम्मान पत्र भारतीय डाक से उनके निज निवास पर सादर प्रेषित किया गया है |

सभी सम्मानित महानुभावों का आभार माना मुकेश कुमार ऋषि वर्मा ने |

ज्ञात हो संस्था इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कोरोना महामारी की वजह से लघुस्तर पर व ऑनलाइन आयोजित कर रही है | पिछले वर्ष बड़ी भव्यता के साथ संस्था ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद कार्यक्रम सम्पन्न कराये थे | आगामी कार्यक्रम पावन पर्व दीपावली के शुभ अवसर पर आयोजित होगा | उस कार्यक्रम के लिए देशभर से प्रविष्टियां आमंत्रित की जा रही हैं |

कार्यकारी अध्यक्ष
बृजलोक अकादमी
ग्राम रिहावली, फतेहाबाद, आगरा

0 0

matruadmin

Next Post

कानपुर कांड

Wed Jul 8 , 2020
जब थाने ही कानपुर में बिक जायेगे, फिर कैसे अपराधी पकड़े जाएंगे। जब पूछे जाएंगे ये प्रश्न प्रसाधन से तब प्रशासक भी मूक हो जाएंगे।। जब थाने में मर्डर हो जाता है, सारा थाना मूक हो जाता है। फिर कैसे मिलेगी सजा अपराधी को, न्यायधीश भी कुछ नहीं कर पाता […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।