12वें पं. बृजलाल द्विवेदी साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित होंगे श्री कमलनयन पाण्डेय

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गांधी भवन में 9 फरवरी को आयोजित होगा मीडिया विमर्श का सम्मान समारोह

भोपाल। मीडिया विमर्श के सारस्वत आयोजन में 9 फरवरी को त्रैमासिक पत्रिका ‘युगतेवर’ (सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश) के संपादक कमलनयन पाण्डेय को प्रतिष्ठित साहित्यक पत्रकारिता सम्मान ‘पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह का आयोजन गांधी भवन में सुबह 11:30 बजे से होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात गाँधीवादी-समाजवादी चिन्तक श्री रघु ठाकुर, मुख्य वक्ता वरिष्ठ संपादक प्रो. कमल दीक्षित, विशिष्ट अतिथि साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के पूर्व निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह और प्रख्यात व्यंग्यकार श्री गिरीश पंकज होंगे। समारोह की अध्यक्षता सप्रे संग्रहालय के संस्थापक एवं पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ संपादक श्री विजयदत्त श्रीधर करेंगे।

            उल्लेखनीय है कि 12वें पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति सम्मान से सम्मानित श्री कमलनयन पाण्डेय साहित्यिक पत्रकारिता के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर होने के साथ-साथ जाने-माने साहित्यकार और लेखक भी हैं। 38 वर्षों से वे समकालीन लेखन को समर्पित साहित्यिक पत्रिका ‘युगतेवर’ का संपादन कर रहे हैं। पूर्व में यह पत्रिका ‘तेवर’ नाम से भी प्रकाशित होती रही है, 2006 में इसका नाम ‘युगतेवर’ कर दिया गया। मीडिया विमर्श पत्रिका के कार्यकारी संपादक प्रो. संजय द्विवेदी ने बताया कि आयोजन में अनेक साहित्यकार, बुद्धिजीवी और पत्रकार हिस्सा लेंगे। पुरस्कार के निर्णायक मंडल में सर्वश्री विश्वनाथ सचदेव (पूर्व संपादक: नवभारत टाइम्स,मुंबई),  रमेश नैयर (पूर्व निदेशक: छत्तीसगढ़ हिंदी ग्रंथ अकादमी, रायपुर) तथा डॉ. सच्चिदानंद जोशी (सदस्य सचिव: इंदिरा गांधी कला केंद्र, दिल्ली) शामिल हैं।

        इसके पूर्व यह सम्मान वीणा (इंदौर) के संपादक स्व. श्यामसुंदर व्यास, दस्तावेज (गोरखपुर) के संपादक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, कथादेश (दिल्ली) के संपादक हरिनारायण, अक्सर (जयपुर) के संपादक डॉ. हेतु भारद्वाज, सद्भावना दर्पण (रायपुर) के संपादक गिरीश पंकज, व्यंग्य यात्रा (दिल्ली) के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय, कला समय (भोपाल) के संपादक विनय उपाध्याय, संवेद (दिल्ली) के संपादक किशन कालजयी, अक्षरा (भोपाल) के संपादक कैलाशचंद्र पंत, अलाव (दिल्ली) के संपादक रामकुमार कृषक और प्रेरणा(भोपाल) के संपादक अरुण तिवारी को दिया जा चुका है। त्रैमासिक पत्रिका ‘मीडिया विमर्श’ द्वारा प्रारंभ किए गए इस अखिल भारतीय सम्मान के तहत साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले संपादक को ग्यारह हजार रुपये, शाल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न और सम्मान पत्र से अलंकृत किया जाता है।  

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।