मैं भी बन जाऊँ पतंग

0 0
Read Time2 Minute, 37 Second

उड़ती पतंग को
देखकर
मन की अभिलाषा
यही
मैं भी बन जाऊँ पतंग
पर ऐसी
जिसकी डोर
किसी के हाथ न हो
जो जब चाहे
ऊँचे आकाश से
गिरा दे हमें
पतंग के डोर
हो स्वतंत्र
जो पतंग जैसे
उड़े बेखबर
कभी आसमान के परे
हमें उड़ना है
हवाओं के साथ
बादलों के पार
पता नहीं
मंजिल कहाँ—!

#अनिता मंदिलवार ‘सपना’

परिचय : अनिता मंदिलवार ‘सपना’ की जन्मतिथि-५ जनवरी एवं जन्मस्थान-बिहार शरीफ है। एम.एस-सी.(वनस्पति शास्त्र),एम.ए.(हिन्दी-अंग्रेजी साहित्य),बी.एड. तथा पीजीडीसीए की शिक्षा प्राप्त श्रीमती अनिता संजीव सिन्हा का कार्यक्षेत्र- व्याख्याता( हाईस्कूल-अंबिकापुर,छग) है। सामाजिक क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देती हैं। गद्य और पद्य के तहत कविता,ग़ज़ल,नाटक,रुपक, कहानी, हाइकू आदि लिखती हैं। आपकॊ लेखन में काव्य अमृत,हिन्दी सागर सम्मान मिले हैं। कई समाचार पत्रों में कविताओं-लेख का प़काशन हुआ है। अन्य में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित हिन्दी निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार एवं ‘मदर्स-डे’ प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार सहित क्विज़ स्पर्धा में प्रथम और दूरदर्शन से प्रसारित ‘भवदीय’ कार्यक्रम में सर्वश्रेषठ पत्र लेखन का पुरस्कार भी लिया है। आप कई साहित्यिक संस्थाओं से भी संबद्ध हैं। साथ ही दूरदर्शन रायपुर से कविता पाठ, आकाशवाणी अंबिकापुर से कविता, कहानी, नाटक और आपके रुपक का भी प़सारण हुआ है। आपके लेखन का उद्देश्य-साहित्य सेवा,साहित्य के माध्यम से जागरुकता लाना और अपनी भावनाओं से समाज में हो रही कुप्रथाओं के विरुद्ध लेखन है। वर्तमान में आपका निवास छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित जरहागढ़ में है।

matruadmin

Next Post

हंसाता-गुदगुदाता व्यंग्य संग्रह : हमारे व्हॉटस् एप वीर

Wed Jan 15 , 2020
संजीव कुमार गंगवार जी की नवीन कृति – हमारे व्हॉटस् एप वीर प्राप्त हुई | ऋषि वैदिक साहित्य पुस्तकालय को प्राप्त यह पुस्तक अब तक की सबसे श्रेष्ठ पुस्तक है हास्य के क्षेत्र में, हंसता-गुदगुदाता व्यंग्यों का अनमोल गुलदस्ता है उक्त संग्रह | सोशल मीडिया के इर्दगिर्द लिखे व्यंग्य पाठकों […]

नया नया

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।