उड़ती पतंग को देखकर मन की अभिलाषा यही मैं भी बन जाऊँ पतंग पर ऐसी जिसकी डोर किसी के हाथ न हो जो जब चाहे ऊँचे आकाश से गिरा दे हमें पतंग के डोर हो स्वतंत्र जो पतंग जैसे उड़े बेखबर कभी आसमान के परे हमें उड़ना है हवाओं के […]

निज भाषा में ही करें, सभी ज्ञान की बात । देश गौरव बने सभी, यही मिले सौगात ।। हिन्दी भाषा हिन्द की, इसे अमल में लाय। जन-जन तक पहुँचा इसे,अलख जगाया जाय।          हिंदी आज एक ऐसी भाषा है जो दुनिया में इतने बड़े स्तर पर बोली […]

है अंधा कानून जुल्म वहाँ बहुत होता भ्रष्टाचार बढ़ा हौसला है बुलंद ! ये देखो कानून बना अंधा जुल्म हो रहा सुन लो अब तो जनता की पुकार ! मैं बस कानून चोर यहाँ पहरेदार चीख अहद में सिसकती ही रही ! #अनिता मंदिलवार ‘सपना’ परिचय : अनिता मंदिलवार ‘सपना’ की […]

आज फिर एक हादसा सुरक्षा कवच कहाँ जिम्मेदार कौन है? भीषण आग भयानक तस्वीर तक्षशिला परिसर कहाँ अग्निनमन तैयार तैयारी होती अक्सर बेकार बाद में जागरूकता अभियान क्या बचा लायेंगे जान क्यो? आखिर क्यों ! सभी सुरक्षा के मानक धरे रह जाते यहाँ जिनके चिराग जलने से पहले ही बुझ […]

निज हिन्दी की शान बढ़ाना मधुर बोल ही तुम अपनाना देखो बातें बहुत हुई अब नीति अमल में लेकर आना। आगे आकर सभी सिखाओ। मान राष्ट्रभाषा दिलवाना।। सबको शिक्षित करके अपने। भारत का सम्मान बढ़ाना ।। आओ हिंदी की सेवा में। कर्म महान हमें कर जाना।। मस्तक की बिन्दी लगती […]

पिया बिन सूना सावन लागे बरखा की बूंदों में साजन लागे मेघा ले जा संदेशा पिया के पास अब तो बस है तुम्हरी ही आस पिया बिन••••••••••••! तुम मुझसे क्या बिछड़े सनम बागों में बहार अब आते नहीं मोर के नृत्य भी लुभाते नहीं कलियाँ भी अब खिलती नहीं पिया […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।