गांधीजी की वेशभूषा में आकर बच्चों ने मनाया गांधीजी-शास्त्री का जन्मदिन

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गांधीजी के जीवन पर केंद्रित भजन,गीत,कविताओं, प्रेरक-प्रसंगों को बच्चों ने सुनाया और ली शपथ

नागदा (धार) |

गांधीजी की 150 वी जयंती के अवसर पर शासकीय नवीन प्राथमिक विद्यालय नयापुरा माकनी में गांधीजी-शास्त्री जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र फैजान शाह,रोशन राठौड़, पंकज बोडाना, सूरज डाबी गांधीजी की वेशभूषा में स्कूल पहुंचे और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान का शुभारंभ किया । निर्धारित समय पर प्रार्थना सभा,गांधीजी के प्रिय भजनों,गीत,कविताओं का प्रस्तुति करण एवं जुगाड़ से बनाई स्मार्ट टीवी पर गांधी फिल्म दिखाई गई ।
गांधीजी -शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन बालकेबिनेट के पदाधिकारियों ने किया ।
शाला प्रधान गोपाल कौशल ने गांधीजी व शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि – ” हमारे पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए हमें स्वच्छता के साथ -साथ सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाना होगा ।ताकि हम इसके दुष्परिणामों से बच सकें । स्वच्छ भारत मिशन और म.प्र.राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट अनुसार 100 किलो कचरे में 10 से 12 प्रतिशत कचरा सिंगल यूज प्लास्टिक का होता हैं । प्रति 100 किलों कचरें में 10 किलो से अधिक पन्नियों, बोतलों व खानपान मे उपयोग ली जाने वाली डिस्पोजेबल की की मात्रा होती है ।यह खतरनाक इसलिए हैं कि यह नष्ट नही होता और न ही रिसाइकिल हो सकता हैं । खान- पान मे उपयोग होने से शरीर पर दुष्प्रभाव ज्यादा रहते हैं ।
संचालन बालकेबिनेट शिक्षामंत्री अंजली परमार ने किया । आभार छात्र शुभम बोडाना ने माना ।

#गोपाल कौशल

                    
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।