प्यारी बहना

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kalpana kubsurat khayal
कुछ रिश्ते होते है खास से,
फूलों जैसे नर्म नाजुक अहसास से।
उन्ही में से है एक तेरा मेरा,
तू बहन है मेरी मैं भाई हूँ तेरा।
जीवन के हर मोड़ पर मैं तेरा साथ दूंगा,
कभी नही तेरा विश्वास तोडूंगा।
कभी नाराज ना होना मुझसे,
मेरी गलतियों को माफ करना हो सके तो रोज लड़ना।
मेरी प्यारी बहना तुम कभी मुझे भूल मत जाना,
मुझे भुले से भी ना सताना।
ये काम सिर्फ मेरा है तुमको चिढ़ाना,
खुद पीछे रहकर तुमको आगे बढ़ाना।
बस मेरी इतनी सी गुजारिश है,
अगले जन्म में मेरी बेटी बनकर आना।
नाम- कल्पना
साहित्यिक उपनाम- ‘खूबसूरत ख़याल’
वर्तमान पता- कल्पना नजदीक रिलायंस टावर मोहल्ला जोतपुर,पुरवा,उन्नाव (उत्तर प्रदेश)
राज्य- उत्तर/प्रदेश
शहर-उन्नाव 
शिक्षा- स्नातक कर रहे 
कार्यक्षेत्र- कोई नही 
विधा – कविता, गीत, ग़ज़ल, बाल कवितायेँ , हायकू , कहानियाँ, लघुकथाएं, शायरी, लेख आदि।
प्रकाशन- स्थानीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित
सम्मान-विश्व हिंदी लेखिका मंच द्वारा नारी शक्ति सागर सम्मान, सहित्य संगम संस्थान द्वारा साहित्य कदम्ब, आंचलिक अन्य शिवेतरक्षिति मंच    और ट्रेंडमेकर ग्रुप द्वारा कई सम्मानों से सम्मानित किया गया। 
अन्य उपलब्धियाँ- “वाजरा वर्ल्ड रिकार्ड्स होल्डर” फ़ॉर मेपल्स
लेखन का उद्देश्य- लिखना मेरा बचपन का शौक है इसे मैं धार देने का प्रयास कर रही हूँ और साथ ही हिंदी का विकास और विश्व पटल पर मान बढ़ाना।
 
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।