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ramesha kumar
अन्याय न्यायालय में,कैसी सब प्रथा चली,
न्याय मिल रहा नहीं,अब तो हटाओ जी।
सांच घात कर रहा,मानवतावाद पर,
इसके निदान हेतु,कुछ तो जताओ जी।
सत्य मेव जयते का,ईमान क्यों डोल उठा
क्या थी मजबूरी अब,सभी को बताओ जी।
संविधान का आधार,बेच क्यों देते सब
कोई तो उपाय सभी,ओर से लगाओ जी। -१
शिक्षक उपर वार,बता रहा अब सार
आ रहा विनाश आस,देश को बचाओ जी।
चुन-चुन गीन-गीन,भ्रष्टाचारियों को सभी
कानून के सिकंजा में सभी को फसाओ जी।
जो भी नहीं मानता है,संविधान कदमों में
जबरन घसीट के,अब तो चढाओ जी।
छोड़ अदालत जाना,नहीं ठौर-ठिकाना,
जन अदालत सब,ओर तो चलाओ जी।-२

#रमेश कुमार सिंह ‘रुद्र’ 

परिचय -:
➡ पूर्ण नाम~ रमेश कुमार सिंह 
➡साहित्यिक उपनाम~ ‘रुद्र’  
➡वर्तमान पता~  रोहतास बिहार -८२११०४
➡स्थाई पता~ कैमूर बिहार -८२११०५
➡पूर्ण शिक्षा~ डबल एम.ए. अर्थशास्त्र, हिन्दी एवं बी.एड.
➡कार्यक्षेत्र~ माध्यमिक शिक्षक बिहार सरकार
➡सामाजिक गतिविधि~ साहित्य सेवा के रुप में – साहित्य लेखन के लिए प्रेरित करना एवं सह सम्पादक “साहित्य धरोहर” अवध-मगध साहित्य मंच (हिन्दी)
“साहित्य सरोज पत्रिका” का प्रदेश प्रभारी (बिहार)
लेखन विधा~ छन्द मुक्त,नई कविता, हाइकु, गद्य लेखन मुख्य रुप से वैसे कुछ छन्दमय रचनाएँ भी करतें हैं 
➡ लेखनी का उद्देश्य~ हिन्दी भाषा का प्रचार-प्रसार करना, हिन्दी साहित्य की ओर समाज का झुकाव।
➡सदस्यता/सहयोग निधि~ कई साहित्यिक संस्थाओं में  वार्षिक, द्विवार्षिक चार वार्षिक सदस्यता प्राप्त।

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