मिस्टर एण्ड मिसेज लोहान

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sachin

खुले आसमान के नीचे दो दिल बहलते हुए,
हां मैंने देखा है उन दोनों को टहलते हुए,
वो दो शख्स जो हमसफर हैं, हमराज ह,ैं हम साए हैं, जिन्होंने बरसो एक दूजे के संग बिताए हैं,
देखा है उन्हें एक दूसरे की आंखों में सवंरते हुए ,,
हां मैंने देखा है उन दोनों को टहलते हुए,
वह दोनों जैसे कर लेना चाहते हो अपनी वो सारी अधूरी बातें ,
जो कहीं छूट गई थी जीवन की आपाधापी में,
और जैसे जी लेना चाहते हो खुशियों के वो सारे पल ,
जो कभी जल गए थे संघर्ष की दीया और बाती में,
मैंने देखा है उन दोनों के दिलों की साफगोई  को,
उनके उजले चेहरे पर बिख़रते हुए,
हां मैंने देखा है उन दोनों को टहलते हुए ,
जिम्मेदारियों की गठरी को उन दोनों ने अपने सिर से उतार दिया है,
एक दूसरे को दोनो ने भरपूर प्यार दिया है ,
देश दुनिया घूम कर अब हरिद्वार में अपनी यात्रा को थामा है ,
मगर अभी मंजिल बाकी है, जाने कहाँ फिर जाना है ,
और समंदर की चाहत रखते हैं दोनों ,
फिर भी दरिया को सम्मान देते है ,
जानने वाले उन्हें मिस्टर एंड मिसेज लोहान कहते हैं, आगंन में उनके दो फूल महकते हैं,
मगर वो दोनो उनके लिए चहकते हैं,
रास्ते हैं कठिन, कहता है सचिन,
मैंने देखा है उन दोनों की परेशानी को कि फिसलते हुए,
हां मैंने देखा है उन दोनों को टहलते हुए।

#सचिन राणा हीरो
हरिद्वार(उत्तराखंड)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।