राम मंदिर (राम नवमी पर विशेष)

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surendra
माना कि अब तक मंदिर नहीं बना बीते कई सालों में,
लेकिन अब श्रीराम नहीं रहेंगे अयोध्या के पंडालों में।

दिल्ली में मोदी और यूपी में योगीराज आया है,
भारत की गली-गली में फिर भगवा लहराया है।

अब हर हिंदुस्तानी भारत माता की जयकार लगाएगा,
मंदिर हो या मस्जिद हो,अब हर जगह तिरंगा लहरायगा।

मंदिर बनना रोके,इतना दम नहीं बाबर के दलालों में…
लेकिन अब श्रीराम नहीं रहेंगे अयोध्या के पंडालों में।

पूरी दुनिया ने अब हिन्दुओं की खुली ललकार सुनी है,
और जनता ने भारत में साधु-संतों की सरकार चुनी है।

भारत माता के विरोधी भी अब वंदे मातरम गाएंगे,
बंद हुए जो बूचड़खाने तो गौ मांस कहाँ से खाएंगे।

गऊ माता का खून नहीं बहेगा अब गंदे नालों में….
लेकिन अब श्रीराम नहीं रहेंगे
अयोध्या के पंडालों में।

बंद करेंगे मोदी-योगी अब छोटे-बड़े भ्रष्टाचारों को,
कड़ी-से-कड़ी सजा मिलेगी अब देश के छुपे गद्दारों को।

नेता भी अब अपना काला धन देखो कहाँ छुपाएंगे,
अब बीच सड़क बलात्कारी को फांसी लटकाएंगे।

कोई झुका नहीं सकता अब हम हिम्मतवालों को…
लेकिन अब श्रीराम नहीं रहेंगे
अयोध्या के पंडालों में..
माना कि अब तक मंदिर नहीं..।।

                                                                 #सुरेन्द्र ठाकुर ‘अज्ञानी जी’

matruadmin

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One thought on “राम मंदिर (राम नवमी पर विशेष)

  1. अब वह दिन दूर नहीं कि हम भी गर्व से भगवा ध्वज अयोध्या मे लहराएंगे और हर घर में जय श्रीराम जय श्रीराम के नारे लगवाएंगे।।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।