ब्रह्मचारिणी

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nk sethi
ब्रह्मचारिणी देवी माँ
     नवदुर्गा रूप है माँ
         भक्तो को वर देती माँ
              भक्ति हमे दीजिये।।1।।
           🌹🌹🌹🌹
जप माला दाएं हाथ
     कमंडल बाएं हाथ
           करती है घोर तप
                दर्शन तो दीजिये।।2।।
              🌹🌹🌹🌹
माँ दुर्गा का दूजा रूप
     साधारण है स्वरूप
          लगता है तेज पुंज
              शक्ति हमे दीजिये।।3।।
             🌹🌹🌹🌹
करे जो ध्यान इनका
    होता उद्धार उसका
          माता है ममतामयी
              आराधना कीजिये।।4।।
               🌹🌹🌹🌹
तप त्याग में वृद्धि हो
     धन धान्य समृद्धि हो
           ब्रह्मचारिणी देवी माँ
                ज्ञान हमे दीजिये।।5।।
              🌹🌹🌹🌹
कुंडलिनी जागृत हो
    शक्ति का समागत हो
         बाधाए सब दूर हो
             शक्ति दान दीजिये।।6।।
               🌹🌹🌹🌹
देती हमे भक्ति ज्ञान
  करती दुष्ट संधान
     सिद्धि हमें देने वाली
         माँ का ध्यान कीजिये।।7।।
             🌹🌹🌹🌹
अपर्णा तपश्चारिणी
    तापत्रय निवारिणी
        ज्योतिर्मय स्वरूप है
             मातृ पूजा कीजिये।।8।।
परिचय
 नाम- डॉ एन के सेठी
वर्तमान पता-बाँदीकुई(दौसा)राजस्थान
राज्य-राजस्थान
शहर- बाँदीकुई
शिक्षा-एम ए(संस्कृत,हिंदी),एम फिल, पीएच डी,साहित्याचार्य
कार्यक्षेत्र-कॉलेज शिक्षा
विधा -काव्य
प्रकाशन-100 से अधिक कविताएं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं व साझा काव्य संग्रहों में प्रकाशित,लगभग 15 से अधिक शोधपत्र विभिन्न राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित
ब्लॉग-
अन्य उपलब्धियाँ- लगभग 15 से अधिक व्याख्यात्मक पुस्तके प्रकाशित
लेखन का उद्देश्य-स्वान्तःसुखाय

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।