
1.
पेड़ लगाओ
संतुलन बनाओ
सृष्टि बचाओ
2.
गिरा देती है
ओछी मानसिकता
मानवता को
3.
हरे हो जाते
चुनाव समय में
वादों के पौधे
4.
सूख जाते हैं
कुर्सी पर आते ही
वादों के पौधे
5.
तैयार खड़े
स्वागत करने को
फूल लेकर
#अशोक कुमार ढोरिया
मुबारिकपुर(हरियाणा)
Sun Dec 2 , 2018
रोज की की भाँति आज भी रेखा स्कूल से जैसे ही घर पहुँची कि सुभाष ने तपाक से पूछा । आज भी बस से आयी न , किसी और की गाड़ी से तो नहीं ?…….. प्रतिउत्तर में रेखा ने कुछ न कह , चुपचाप अपना बैग खोला और उसमें से […]
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