निमाड़ की स्मृतियाँ हमेशा बनी रहें
इंदौर। निमाड़ और निमाड़ी के लोगों का आपस में मिलना-जुलना बना रहे और निमाड़ी बोली का उन्नयन हो, इस भाव से रविवार को मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी महोत्सव के अंतर्गत ‘निमाड़ी कविताई’ आयोजित की गई, जिसमें निमाड़ के रचनाकारों ने निमाड़ी में रचना पाठ किया।
कविताई में मुख्य अतिथि मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मणिमाला शर्मा रहीं।
शब्द स्वागत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने किया।

कविताई में बाल कृष्ण भट्ट, प्रदीप नवीन, शिशिर उपाध्याय, जय श्री उपाध्याय, अशोक गर्ग, डॉ. विजय चौरे, डॉ. अनुराधा शर्मा, हेमेन्द्र स्वामी (आनंद), डॉ. शालिनी बड़ोले, स्वाति सिंह साहिबा, विभा भटोरे, ममता शर्मा, अर्चना चौरे व पारस बिरला ने निमाड़ी रचना पाठ किया।
रचना-पाठ उपरांत संस्थान के हस्ताक्षर बदलो अभियान से भी रचनाकार जुड़े और अपने हस्ताक्षर बदलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन कवि पारस बिरला ने व आभार डॉ. अखिलेश राव ने व्यक्त किया। इस अवसर पर ऋचा तिवारी, प्रशांत राव चोरसे, दिनेश तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।

