वतन से हमको भी यारा

Read Time0Seconds

vipin kumar morya

वतन से हमको भी यारा,
मोहब्बत है मोहब्बत है ।
ये जन्नत से भी ज्यादा,
खूबसूरत है खूबसूरत है।

यहाँ सावन की मस्ती है,
यहाँ जड़ों की ठण्डक है।
यहाँ बारिश की रिमझिम है,
यहाँ मस्ती हर वक्त रहती है।

यहाँ पंक्षी चहकते हैं,
यहाँ कोयल कूकती है।
यहाँ पर्वत की वादियां हैं,
यहाँ नदियाँ बहकती हैं।

ये देश है अपना ,
ये जन्नत से भी प्यारा है,
ये तीन रंगों का,
तिरंगा जाँ से प्यारा है।

वतन से भीहमको यारा
मोहब्बत है मोहब्बत है।
ये जन्नत से भी ज्यादा
खूबसूरत है खूबसूरत है।

यहाँ पनघट की मस्ती है,
यहाँ गगरी छलकती है।
यहाँ बागों की मस्ती है,
यहाँ चाहत छलकती है।

यहाँ हर हिन्दू मुस्लिम है
यहाँ हर मुस्लिम हिन्दू है।
यहाँ हर सिक्ख में भी
इन्शानियत छलकती है।

वतन से हमको भी यारा
मोहब्बत है मोहब्बत है।
ये जन्नत से भी ज्यादा,
खूबसूरत है खूबसूरत है।

#विपिन कुमार मौर्या

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

*मीडिया से तकलीफ है तो...*

Tue Aug 14 , 2018
मीडिया से तकलीफ है तो देशव्यापी मीडिया पर रोक लगवाये, मैं आपका साथ दूँगा, पर उससे पहले एक बार मीडिया विहीन जीवन की बस कल्पना मात्र कर लीजिये श्रीमान जी। या अनुभव चाहिए तो एक बार 1947 के पूर्व की पैदाईश अपने दादा-नाना से आजादी के पहले के जीवन के […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।