“धैर्य”

Read Time1Second
poonam
क्यों रखूं मैं धैर्य ?
क्या मिला है
मुझे धैर्य रखकर ?
अधीर हो किसी ने
बुलंदी को छू लिया
धैर्य रखकर हमने
फिसलते वक्त को देखा
धैर्यवान को
सब पाठ पढ़ा जाते हैं
मानों जैसे उसके
अवगुण को दर्शा जाते हैं
हाँ नाम मजबूरी का
धैर्य को दे जाते हैं
और अपनी अधीरता पर
फिर वो इठलाते हैं
हमें भी सोचने पर
मजबूर वो कर जाते हैं ,
पर शायद….
वो कुछ भूल जाते हैं
कि धैर्य परमात्मा की
दी हुई वो अनुपम भेंट है
जो सभी को
प्राप्त नहीं होता
जिसके पास विवेक है
वही धैर्यवान हो सकता है
जो संतोषी है
वहीं धैर्य का वास है
जहाँ अहंकार नहीं
धैर्य का वहीं निवास है ।

           #पूनम झा

परिचय: पूनम झा राजस्थान के कोटा से हैं l आप  ब्लॉग लिखती हैं और फेसबुक पर भी साहित्यिक समूहों में सक्रिय हैं l पुस्तकों,पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ,मुक्तक और लघुकथाएँ इत्यादि प्रकाशित होती रहती हैं l

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रेरणा और विश्वास जगाता है काव्य संग्रह -  " धूप आती तो है ..."

Sat Jun 30 , 2018
पत्रिका समीक्षा …………….. किसलय साहित्यिक संस्था की अनियतकालीन पत्रिका शब्दध्वज ने कवि एवं सम्पादक पंकज पटरियां की कविताओं पर केंद्रित काव्य संग्रह ” धूप आती तो है ….” का प्रकाशन किया है। नर्मदांचल के साहित्य और पत्रकारिता जगत में पंकज पटेरिया एक लब्ध प्रतिष्ठित  नाम है । शब्द ध्वज जिसके […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।