शौर्य और ऐश्वर्य युगीन राजा भोज का नाम याद आते ही सत्य,साहस,ज्ञान,कौशल और जलाभिषेक का बोध होने लगता है। सम्यक कालजयी बनकर `भूतो न भविष्यति,राजा भोज यथा दूजा राजा` की मीमांसा में राजा-महाराजाओं के देश में राजा भोज राजाओं के राजा कहलाए। इनके राज में प्रजा को सच्चा न्याय और […]

मकर सक्रांति को उत्तरायण,माघी, खिचड़ी संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। प्रतिवर्ष हम सब मकर सक्रांति मनाते हैं। पोष माह में जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं,इसीलिए इसे मकर सक्रांति कहते हैं।    यह सूर्य उपासना,सूर्य पूजा का दिन है। इस दिन सूर्य […]

मेरी राय में धर्म एक जीवन दृष्टि है। सभी प्राणियों से श्रेष्ठतर संवेदनशील मानव की। अपने सर्वोत्तम की खोज उसे पाने का प्रयत्न एवं आत्म साक्षात्कार के रूप में उस परम शक्ति की अनुभूति यही है धर्म का ध्येय। मानव मन की विभिन्न रुचियों के अनुसार कई मत-मतान्तर प्रचलित है। विभिन्न नदियों का मार्ग अलग […]

जिसने हमें जन्म दिया, उसका मानें हम उपकार। वह माँ धरा पर है न्यारी, उसे बार-बार करुं प्रणाम। माँ के रूप में देवी है वो, दुख घनेरे सहती है जो। सदा भला वह चाहने वाली, ममता की अदभुत मूरत है वो। मैं नवाजूं चरणों को उसके, चरणों मे उसके है […]

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान इतना मशगूल है कि, उसे पैसे कमाने के अलावा कोई और काम समझ नहीं आता है। यहाँ तक कि,खाने-पीने से लेकर, अपने बच्चों,अपने परिवार में भी इसीलिए उलझा हुआ है। आज समाज अमीर और गरीब दो भाग में बंट गया है, आज अमीर […]

(श्रीमदभागवदगीता के द्वितीय अध्याय ‘सांख्य योग’ का काव्यात्मक भावानुवाद) हे अर्जुन ! क्यों बैठे हो डरकर ? मोह-माया में फँसकर, कौन है तेरा अपना,कौन है पराया ? सबको एक दिन जाना है,जो भी यहाँ आया, तेरे उत्सुक नयनों पर,अज्ञान का पर्दा छाया। तोड़ दो मोहमय बन्धन। क्षण भर का है […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।