जुबां बन्द कर जख्म खाता रहा, जमाना मुझे आजमाता रहा।। शिकायत नहीं की किसी से कभी, गलत फायदा सब उठाता रहा। जरा-सा पलट के जो देखा मुझे, सुकूँ चैन ये दिल गँवाता रहा। मनाज़िर अनोखा छला रूप का, खता प्यार की ये बताता रहा। इजाजत […]
फागण प्रतिस्पर्धा के परिणाम भाषासारथी मित्रों, सभी का अभिनंदन और स्पर्धा में प्रतिभागी होने के लिए धन्यवाद। आपको बताते हुए प्रसन्नता है कि, *मातृभाषा.कॉम* हिन्दी पोर्टल द्वारा गत दिनों आयोजित ‘फागण’ स्पर्धा के सभी विजेताओं के नाम घोषित किए जा रहे हैं। बड़ी खुशी की बात है कि, *मातृभाषा.कॉम* हिन्दी […]
