रुड़की | विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के अवैतनिक उपकुलसचिव श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि हिंदी सबसे अधिक बोली जाने वाली संसार की तीसरी भाषा है।भारत के साथ साथ मॉरीशस, युगांडा, गुयाना, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूजीलैंड,पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, सूरीनाम, त्रिनिदाद, साउथ अफ्रीका में हिंदी बोलने व हिंदी में लिखने वालों की संख्या […]

सारी दुनिया तो खूबई डरात है कोरोना वायरस खाए जात है । जब से जो दुनिया में आओ दुनिया हो गई सुनी लॉकडाउन जो सभी जगह करात है कोरोना वायरस खाए जात है । हमें सिखा दयो, मास्क लगावों सैनेटाइजर रक्वों क्वारंटाइन जो पीड़ित को करात है कोरोना वायरस खाय […]

झलक आँखो में तुम्हारी मुझे अपनी दिखती है। बताओ जी क्या में सही कह रहा हूँ। रखो दिल पर तुम हाथ बताओ अपने दिलकी बात। क्या में सत्य बोल रहा हूँ क्या में सच बोल रहा हूँ।। खिलाखिला सा तुम्हारा चंदन सा ये वदन। महका देता है अपनी खुशबू से […]

बहुतेरे लोग कुत्ता पालते हैं। नहीं भी पालते हैं। दूसरे भी बहुत से पालतू जीवों को पालते हैं। विविध आदतों को भी पालते हैं। पालने पर कोई रोक भी नहीं है। पाल भी सकते हैं। नहीं भी पाल सकते हैं। मनुष्य का स्वभाव है पालना, इसलिए भी पालता है। तनहाई […]

जीवन है चलने का नाम चलते रहो सुबह से शाम नही थकना कभी राह में नही करना कभी आराम दिल जैसे चलो अनवरत फिर भी बने रहो यथावत जीवन पथ पर चलते जाओ सद्कर्मो को करते जाओ ईश्वर तुम्हारे सारथी होंगे युग परिवर्तन महारथी होंगे बहारे स्वागत करेंगी तुम्हारा परोपकार […]

भारतीय भाषाओं को उनका हक दिलाने के लिए 80 के दशक में संघ लोक सेवा आयोग के गेट पर वर्षों तक चलाए गए धरने के अध्यक्ष रहे बलदेव बंशी (1.6.1938-7.1.2018) अपने संघर्ष के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. इस आन्दोलन में पुष्पेंद्र चौहान और राजकरण सिंह जैसे योद्धाओं ने अपना […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।