सेनेटाइजेशन 2020 में हमारे लिए नया शब्द नही रहा। लगभग बच्चे बच्चे के होठों पर यह शब्द आ चुका था। तो क्या सेनेटाइजेशन को लेकर हम पहले जागरूक नही थे ? नही। यह सोचना बिल्कुल भी गलत होगा। क्योंकि शुद्धिकरण का विचार हमारे सन्तों व पूर्वजों का सदैव से रहा। […]

मुझें साहित्यकार समझने की आप भूल न करें उबड़-खाबड़,कांटेदार रचनाओं को फूल न कहें। मेरी रचनाएँ बनावट और सजावट से हैं महरूम कृपया अलोचना करें मगर ऊल-जुलूल न कहें । हाँ चुभते ज़रूर हैं चंद लोगों की नज़रों में यारों हक़ीक़त में हैं नागफनी ,इन्हें आप बबूल न कहें। कुछ […]

जमाना कितना बदल गया आम इंसान के लिए। जिसमें पीसे जा रहा है आज का आम इंसान। शारीरिक और मनासिक रोगों से इंसान ग्रस्त है। घर में बीबी बच्चों की दफ़्तर में अधिकारी की चिक-2। रोज सुन सुनकर कितना परेशान हो जाता है इंसान।। जमाना कितना बदल गया जिसमें पीस […]

मिले सदा सम्मान ऐसे वचन बोलो मीठी हो वाणी उसमे मिस्री घोलो फिर देखो अपनत्व तुम्हे मिल जायेगा ईश्वर भी स्वयम तुम्हारे पास आएगा मिट जायेगा अँधेरा तुम्हारे जीवन से भाग्य का सूरज चमक जायेगा: श्री गोपाल नारसन Post Views: 119

अगर पूछे कोई मुझसे कि मेरा सपना क्या है तो मुकाम मुझे नहीं पता.. अगर कोइ कहे कि कल का क्या इरादा है तो शायद मुझे नहीं पता। रास्ते कुछ पता है, कुछ नहीं सड़कों को ढूंढ लूँगी मैं फिर भी कही से, बस इतना जरूर पता है कि हवा […]

लिखूं क्या मै,मुझे लिखना नहीं आता। दिल टूट गया है,इसे जोड़ना नहीं आता।। गया था गम भूलाने मै मयखाने मे। पर गम को मुझे भूलना नहीं आता।। कोशिश की थी यारो ने मुझे पिलाने की। मुश्किल ये थी वहां,मुझे पीना नहीं आता।। दिल के टुकड़े हुए हजार,सब बिखर गए। मुश्किल […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।