(कुलभूषण जाधव की फाँसी पर सवाल) न मानेगा धूर्त पड़ौसी,शांति की वार्ताओं से, अब हल नहीं निकलेगा,सिर्फ कड़ी निंदाओं से। कुलभूषण की फाँसी पर,क्यों मौन साधना साधे हो, अफजल के चाचाओं,क्या सिर्फ दुश्मन के प्यादे हो। सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर,रतजगा-सा कर डाला, एक आतंकी की फांसी पर,रोए थे […]
मेरी जीवंत स्मृतियों में आज भी शामिल है एक सहज सरल उमंगता बचपन। संयुक्त परिवार के रिश्तों की झिलमिल कड़ियां………शरारतें……….पढ़ाई……….. गुरूजनों का सम्मान……..संवेदना से भरा संसार………..इन्हीं सबमें मेरे विश्वास श्रद्धा को विनत भाव का एक पुष्ट संस्कार मिला। खुशनुमा बचपन में लौटती हूँ तो,वहाँ ढेरों खुशियों के साथ साथ बीत […]
