कभी खामोश सा एक तनहा सुरमई बादल दुआओं सा आँचल से लिपट जाता है कभी सितारों जड़ी मखमली रात के गालों पर नज़र का टीका लगा जाता है झिलमिल चांदनी का एक प्यारा सा कतरा संदली हवाओं के झोंकों संग तुम्हारी याद दिलाता है बरसती बारिश की रिमझिम बूंदों में […]

हे! काग विहग ‘व्यथा ऊर्मिले’ आज तुम्हीं से कहती हूं… अंखियां प्रियतम ढूंढ रही है विरह में बरबस बहती हूं..। मेरे प्रियतम छोड़ गए हैं.. अश्रु भी ना बहा सकूं.. योगिनी गर में बन जाऊं… क्या मर्यादा का त्याग करूं..? पुत्रवधू हूं कौशल की मैं विरह कथा यें कहती हूं.. […]

शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा सौभाग्य दात्री प्रत्यंगे परमेश्वरी दयामूर्ति सिद्धिदात्री कुष्मांडा ह्रदय प्रांगणे अभिनंदन हृदयेश्वरी नवरूपा अष्टभुजा स्कंदमाता महामाया कृपालिनी मंगलमयी दुर्गेश्वरी शिवानी क्षमाधात्री कात्यायनी स्वधा विशालाक्षी त्रिपुर सर्वेश्वरी जंयति मंगलाकारी कालरात्रि अम्बे नमोस्तु सर्वस्वदायिनी भुवनेश्वरि शंखनी कौमारी महागौरी रणमत्ता रणप्रिया सृष्टिकर्ती महेश्वरी सर्वसुख प्रदायिनी सिद्धिदात्री मधुकैटभ विध्वंसनी आद्यशक्ति दंतेश्वरी डॉ […]

विरह की पीड़ा जब लगी, सताने,अधरों ने खींची लाली.. रात तले अंधियारा, मुझसे रह रह पूछे.. तू कोन है ? पर मेरे…….. शब्द सब मौन है। खिड़की से हवाये, घुटन साथ लाई.. सूरज के जलते, पैर….रात अंधेरे को भटका आई… दबे पांव ,चंदा जो, मेरे आंगन आया… तारों का सरदार […]

सुवर्ण कानन में फलित प्राणों की स्वप्न मंजरी #डॉ सीमा भट्टाचार्य बिलासपुर (छत्तीसगढ़) #परिचय- दिल्ली पब्लिक स्कूल बिलासपुर छत्तीसगढ़ में संस्कृत विभाग में अध्यक्षा पोस्ट में कार्यरत। Post Views: 44

आज़ादी का जश्न मनायें, आओ झूमे गाएं । दी है जान वतन पर जिसने, उनको नहीं भुलाएं।। वीरों ने जो सपने देखें, पूरा कर दिखलाया और विदेशी गोरों को भारत से मार भगाया याद उन्हें कर अपना तिरंगा, नभ में हम फहराएं आज़ादी का जश्न मनायें, आओ झूमे गाएं ।। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।