अपने इतिहास को न भूलें, गुरु गोविंदसिंह के संस्कार दें बच्चों को : शिवम सिंह सिसौदिया मेहगांव | अपने अतीत को कभी न भूलें, जो अपने इतिहास को भूल जाते हैं उनका भविष्य भी सम्मान नहीं करता। हमें बच्चों को उन संस्कारों से पोषित करना होगा जो गुरु गोविंदसिंह जी […]

आदिलाबाल इन्द्रवेल्ली। हिन्दी दिवस के अवसर पर शासकीय कनिष्ठ महाविद्यालय इन्द्रवेल्ली में समारोह का आयोजन किया गया। उसमें वरिष्ठ लेखक हिंदी प्राध्यापक श्रावण राठौड़ को महाविद्यालय के प्राचार्य और विद्यार्थियों ने मिलकर सम्मानित किया। । इस समारोह में मुख्य अतिथि के टी. श्रीनिवास और गौरव सदस्य प्राध्यापक मादासु मधुकर मौजूद […]

जबलपुर। हिंदी दिवस के अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान, जबलपुर इकाई के द्वारा काव्य संध्या का आयोजन किया गया। अमृत तीर्थ जैन मंदिर के सभागार में तीर्थ कमेटी के पदाधिकारियों और समाजसेवियों के मध्य माँ हिंदी के चरणों में काव्य आहुति प्रदान की गई और हिंदी में हस्ताक्षर का आह्वान […]

बिलासपुर। हिन्दी महोत्सव 2023 के अन्तर्गत स्मार्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूदंड में मातृभाषा उन्नयन संस्थान की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा बिलासपुर में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में निबंध और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉ रश्मिलता मिश्रा सहित शाला की प्राचार्य डॉ. रीता तिवारी, मंजुला शिंदे, देवेंद्र […]

रचनात्मकता में बदलाव ही किसी विधा की नियति तय करते है- सूर्यकान्त नागर लघुकथा मारक और धारदार विधा- राकेश शर्मा इंदौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा रविवार को हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित लघुकथा–मंथन 2023 में तेज़ी से लोकप्रिय होती साहित्य की विधा लघुकथा के सम्पादकीय […]

पाली(राजस्थान) में 10 सितंबर को आयोजित समारोह में दिया जाएगा सम्मान भोपाल। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के पूर्व महानिदेशक प्रो.संजय द्विवेदी को विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी स्मृति साहित्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन पाली (राजस्थान) में 10 सितंबर को कल्पवृक्ष साहित्य सेवा संस्थान द्वारा आयोजित किया गया […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।