परमात्मा कहां चले गए तुम बुला रहे हम नही आए तुम आए हो तो असर दिखला दो कोरोना को जड़ से मिटा दो जो बीमार है उन्हें स्वस्थ बना दो चेहरे पर सबके मुस्कान ला दो खल रहा है अव्यक्त हो जाना सुंदर दुनिया का उजड़ सा जाना अब आ […]

हूँ किस्मत से मजबूर मगर, मेहनत की रोटी खाता हूँ। दौलत शौरहत तो पास नहीं, बस मेहनत पे इतराता हूँ ।। दो वक्त की रोटी की ख़ातिर, दिन रात परिश्रम करता हूँ। बहा कर खून पसीना अपना, परिवार का पेट मैं भरता हूँ। नदियों पर मैं बांध बनाता, रेलों की […]

कब तक दिखावा करूँ अपने मुस्कुराने का नहीं होता अब…… भर आती है आँखे छलक जाते है आँसू मंदी की मार ,कभी पिता कभी माँ बीमार कब तक दिखावा करूँ……. रोज टूटता हूँ रोज बिखरता हूँ नहीं देख पाता लाशों के ढेर कब तक दिखावा करूँ………. बच्चों की पढ़ाई का […]

शांतचित रहना सीखो क्रोध को भगाना सीखो बीमारी पास न आएगी किस्मत अच्छी हो जायेगी शांति मे ही तो आनन्द है इसी से मिलता परमानन्द है प्रभु मे ध्यान लगाकर देखो प्रभु को अपना बनाकर देखो जीवन खुद संवर जायेगा परमात्म बोध हो जायेगा इस सत्य को अपनाकर देखो प्रभु […]

किये है जो कर्म हमने,उन्हीं का फल पा रहे हैं, बोए है जो पेड़ हमने,उन्हीं के फल खा रहे है। चला आ रहा है यह नियम सृष्टि का सदियों से, उसी को सब लोग संसार में निभाते जा रहे है।। आवागमन का नियम सृष्टि का चला आ रहा है, जो […]

उनकी मोहब्बत ने मुझे, लिखना सीखा दिया। लोगों के मन को, पढ़ना सीखा दिया। बहुत कम होंगे जो मुझे, पढ़ने की कोशिश करते है। क्योंकि जमाने वालो ने तो, मुझे पागल बना दिया था। न धोका हमने खाया है, न धोका उसने दिया है। बस जिंदगी ने ही एक, नया […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।