साथी हाथ बढ़ाना, मतदाता बन मत का दान कर, बहुमत में बदलना है चलो रे साथी, मतदाता बन। अपने एक मत को बहुमूल्य समझ देश के भविष्य को सँवारना है चलो रे साथी, मतदाता बन। आओ, सब मिल कर मतदान करें गणतंत्र और लोकतंत्र की सेवा करें चलो रे साथी, […]

लोकतंत्र में विश्वास करते हम भारतीय जन, जिसे चुनने का अधिकार मिला हो इच्छित मन। जनता की उँगली के प्रयोग से सजे जो तंत्र, समझदार की सूझ-बूझ का चलता मंत्र। तभी तो हम सभी बना पाएँगे सही लोकतंत्र, गर्व का दिन है, जो अपने मत से किया दान। चुनें उसे, […]

म – मतदान करो, मतदान करो अधिकार पर अभिमान करो जननी का आँचल ख़ुशियों से भरो पात्र उम्मीदवार का चुनाव करो।। त – तप है ये सही चयन का तप है ये सत्यनिष्ठा का तप है ये स्वर्णिम भविष्य का तप है ये स्वदेश हित का।। दा – दान है […]

याद आता है वो नीम का पेड़ ठंडी हवा के झोंके निंबोलियों की पट-पट ठंडे पानी से भीगा गमछा कभी सिर, कभी पैरों को ठंडक देता गर्मी के तेवर ठंडे करता नाना का रेडियो कान के पास बजता विविध भारती का संगीत फ़रमाइशों की झमाझम कालिदास के मेघदूत सम प्रियतमा […]

मैं पूछना चाहता हूँ प्लेटफॉर्म पर शव के साथ एक खेलते हुए बच्चे की किस्मत किसने लिखी होगी? शव के साथ खेलता हुआ बच्चा हमसे कहना चाहता हैं शव होना ही इस मुल्क के लिए खिलौना है।। प्लेटफॉर्म पर शव के साथ खेलते हुए बच्चे की आंख में आंख डालकर […]

आया सावन झूमकर तीज त्यौहार की लाया बहार मंद-मंद जलद मुस्काएँ उमड़-घुमड़ घटा छाएँ अम्बर पर इंद्रधनुष आए। आया सावन झूमकर।। सजी हाथों में मेंहदी पिया संग झूले बावरी सोलह शृंगार से सजी गौरी झूम रहीं कलियाँ सारी आया सावन झूमकर।। धरती ने हरीतिमा की ओढ़ी चुनरियाँ सजनी के हाथों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।