आज मैंने आईने को तब फूट-फूट कर रोते देखा जब सब उसे झूठा ठहरा रहे थे। उसने कहा मुझे प्रतिबिंब ही तो दिखाना है। जब लोग अपने चेहरे पर परत दर परत झूठ चढ़ा लेते हैं तो खुद को पहचान पाते हैं क्या? अर्द्धेन्दु भूषण इन्दौर, मध्यप्रदेश लेखक वर्तमान में […]

इन्दौर। सी ई पी आर डी (पर्यावरण विकास केंद्र) द्वारा शनिवार को कुंती माथुर सभागार में पर्यावरण केंद्रित साहित्य गोष्ठी में लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने पर्यावरण के प्रति आदर और समर्पण भाव से हृदय स्पर्शी रचनाओं का पाठ किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता ढोबले और संचालन संस्था के संयोजक सत्यनारायण मंगल ने […]

“सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें विद्यार्थी” इंदौर। श्री वैष्णव कन्या विद्यालय गुमास्ता नगर में अंतर विद्यालयीन निबंध, चित्रकला और गायन-वादन प्रतियोगिता शुक्रवार को आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में शहर के 19 विद्यालयों के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेखक और पत्रकार श्री मुकेश तिवारी थे। […]

● डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ साहित्य उत्सवों का नाम बदलकर मौज मस्ती उत्सव कर देना ज़्यादा सार्थक और असरदार है क्योंकि इससे साहित्य के भीतर की मलीनता पनपने से बचेगी और साहित्य के नाम पर जनता से छलावा नहीं होगा। जाड़े का मौसम आ चुका है और हर बार की […]

क्या मजबूरियां भी जेनेटिक होती हैं? मुझे तो ऐसा ही लगता है क्योंकि आज मैंने अपने बच्चे की आंखों में उन्हीं सपनों को डूबते-उतराते देखा जिन्हें मैं अपने बचपन में कई बार पूरी तरह डूबो चुका हूँ। अर्द्धेन्दु भूषण इन्दौर, मध्यप्रदेश लेखक वर्तमान में दैनिक प्रजातंन्त्र के सम्पादक और स्तम्भकार […]

संस्मय प्रकाशन भी होगा विश्व पुस्तक मेले में शामिल इस बार मेले में इन्दौर का संस्मय प्रकाशन भी हिस्सा लेगा, जहाँ संस्मय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों को भी विक्रय के लिए रखा जाएगा। नौ दिनों तक नियमित आयोजन होंगे, लेखकों से मुलाक़ातें होगी, इन्दौर व आसपास के भी लेखकों की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।