
जनवरी शुरू होते ही
ठण्ड ने पाँव पसार लिए
कोहरे की चादर ने देखो
सूरज के पाँव थका दिए
धूप निकालना भूला सूरज
धरती से सूरज दूर हुआ
ठण्ड में थर थर कांपे सब
जीना हमारा मुहाल हुआ
नये वर्ष का जश्न गया अब
चैन सभी का ठण्ड ने छिना
लिहाफ की गर्मी मे रहकर
परमात्मा को बस याद करो
जो समय मिला है हमको
उसका हर पल साकार करो।
#श्रीगोपाल नारसन

