अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस

👧🏻मत मार मुझे जीवन दे माँ,
मुझको भी दुनिया देखने दे,
मैं तेरे दिल का टुकड़ा हूं,
फिर क्यों मुझ पर ही वार करें।
मत मार मुझे …

👧🏻 तू भी तो एक नारी है माँ,
फिर क्यों नारी का अपमान करे,
तू दिल है मैं तेरी धड़कन,
फिर क्यों अपने से दूर करे,
तू ममता का सागर है,
फिर क्यों इतनी मजबूर है माँ।
मत मार मुझे….

👧🏻 मैं ईश्वर का वरदान हूं माँ,
तू क्यों ना मुझे स्वीकार करे,
सुन मेरी माँ बेटी तेरी,
करती तुझसे अरदास यह माँ,
रख दिल पर अपने हाथ ओ माँ,
सुन मेरे दिल की पुकार ओ माँ
मत मार मुझे…

👧🏻आएगी अगर कोई मुश्किल तो,
मैं ढाल तेरी बन जाऊंगी
हर खुशी और तेरे हर गम में माँ,
मैं तेरा साथ निभाऊंगी,
पढ़ लिख कर इस जग में माँ,
मैं दुनिया में नाम कमाऊंगी।
मत मार मुझे….

सपना – (स० अ०)

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'हिंदी, इसकी बोलियाँ और अष्टम अनुसूची' पर 'वैश्विक ई संगोष्ठी' संपन्न ।

Mon Oct 12 , 2020
‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’ के तत्वावधान में दिनांक 10 अक्तूबर, को सायं 4.15 बजे से ‘हिंदी, इसकी बोलियां और अष्टम अनुसूची’ विषय पर वैश्विक ई-संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’ के निदेशक डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’, वैश्विक हिंदी सम्मेलन की संयोजक डॉ. सुस्मिता भट्टाचार्य, वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।