सत्य-पुंज

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shubha
रामायण में आदिकवि,करते हैं उल्लेख।
रामराज्य के रूप को,खुले नयन मन देख।।

ग्यारह हजार वर्ष तक,रहे अवध श्रीराम।
बन्धु-बान्धवों संग ही,बना लोक सुख-धाम।।

रावण रुपी छ्ल मरण,हरण दंभ सब पाप।
सत्य सुयश का मार्ग ही,दिखलाते प्रभु आप।।

सीता माता के हृदय,नाथों के हैं नाथ।
मर्यादा पालक प्रभो,रहे सर्वदा साथ ।।

अनुगामिनी अनघ सिया,अचल अजर श्रीराम।
त्रास मिटाने हेतु ही ,प्रकट हुए इस धाम।।

आगे की जो भी कथा,दीन सिया का हाल।
परित्याग वन-गमन सब,क्षेपक करें कमाल।।

अवधी भाषा में रची,पूज्य बनी संसार।
रामचरित मानस सभी, करते अंगीकार।।

किन्तु अछूता कब रहा,कोई रचनाकार।
समय झलकता सृजन में,कहे लेखनी- धार।।

पूज्य रहेगें सर्वदा, अजर अमर भगवान।
कण-कण-प्रतिक्षण व्याप्त हैं,रहे सभी को ध्यान।।

मंजुल मंगल मोदमय,अवध बिहारी रुप।
म्लान हृदय को दे रहे,सुख सब सुयश अनूप।।

राम राम श्री राम हे, जगत पिता हो आप।
सदा विराजो उर ‘अधर’,मेटो जग संताप।।

                                                                         #शुभा शुक्ला मिश्रा ‘अधर’

matruadmin

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गीतिका....

Thu Apr 6 , 2017
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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।