शशांक मिश्र भारती को राष्ट्रीय कवि चौपाल एवं ई पत्रिका स्टार हिन्दी ब्लाग ने सम्मानित किया

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देश में शहीदों की नगरी के नाम से विख्यात उत्तर प्रदेश शाहजहांपुर के शशांक मिश्र भारती को 05फरवरी के अपने आयोजन में राष्ट्रीय कवि चौपाल एवं ई पत्रिका स्टार हिन्दी ब्लाग ने स्टार हिंदी साहित्यकार सम्मान 2019 से सम्मानित किया है।यह सम्मान अध्यक्ष कासिम बीकानेरी प्रचारक कृष्ण कुमार सैनी राज व एल आर सेजु थोब प्रिंस संपादक द्वारा प्रदान किया गया। लगभग चार दर्जन सम्मानों के क्रम में असम से हेमलता गोलछा मेघालय से डा. अवधेश कुमार अवध मध्यप्रदेश से हरिशंकर पाटादार बिहार से रीतू देवी राजस्थान से धर्मेन्द्र कुमार सैनी हिमाचल प्रदेश से विजयी भरत दीक्षित उत्तराखण्ड से भुवन विष्ट हरियाणा से विनोद सिल्ला महाराष्ट्र से अमिता प्रशांत पुष्पांजलि कर्नाटक से डा. ऋचा त्रिपाठी आदि को यह गौरव मय सम्मान से अलंकृत किया गया।
साल 1991 से लेखन में रत इनकी विविध पत्र पत्रिकाओं अन्तरजालों ब्लागों पर रचनायें छपती रहती हैं अभी अभी देवसुधा का संपादकीय चिन्तन अंक इन्होंने निकाला जिसकी देश विदेश में प्रशंसा व चर्चा हुई देश विदेश के एक सौ पत्र पत्रिकाओं के संपादकों को इन्होंने संपादक श्री से सम्मानित किया साथ ही चालीस संपादकों की महत्वपूर्ण विषयों पर संपादकीय भी अपने द्वारा संपादित संपादकीय चिन्तन अंक में प्रकाशित की।यह अनेक सार्वजनिक व निजी पुस्तकालयों को अपनी पुस्तकें निःशुल्क प्रदान कर चुके हैं अब तक दस पुस्तकों पर्यावरण की कविताएं क्यों बोलते हैं बच्चे झूठ मुखिया का चुनाव बिना विचारे का फल आओ मिलकर गाएं माध्यमिक शिक्षा और मैं स्कूल का दादा दैनिक प्रार्थना हम बच्चे दस पुस्तकें छप चुकी हैं एक पुस्तक मुखिया का चुनाव उड़िया भाषा में छपी है। कुछ पर उड़िया कन्नड़ मराठी गुजराती व सन्ताली में काम चल रहा है। देश. विदेश के सौ से अधिक संस्था.संगठन इनकों सम्मानित पुरस्कृत कर चुके हैं।शहीदों की नगरी के नाम से विश्व में विख्यात उत्तर प्रदेश शाहजहांपुर के पुवायां बड़ागांव निवासी यह सम्प्रति उत्तराखण्ड के टनकपुर में राजकीय इण्टर कालेज में संस्कृत प्रवक्ता के पद पर कार्यरत रहते हुए वहीं से अपनी साहित्य साधना में रत हैं।इनको इस उपलब्धि पर अनके साहित्यकार संपादक पत्रकार व शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी है।
कु0 एकांशी शिखा हिन्दी सदन बड़ागांव शाहजहांपुर 242401 उ0प्र0

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।