कभी-कभी उदास या तंग माहौल में भी अपने ही अक्स से मिल लिया करते, भीड़ भरे माहौल में भी जब तन्हाई पाती हूं, तब ख़ुद से ही बात कर मन के जज़्बातों में नहीं नमी पाती हूं, इस संगदिल दुनिया में जब चारों और उदासी पाती हूं, तब हर बार […]
साहित्य जगत ने कहा ताउम्र हिन्दी के लिए संघर्ष करते रहे डॉ. वैदिक मातृभाषा उन्नयन संस्थान एवं श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति ने किया आयोजन इंदौर (9 अप्रैल)। हिन्दीयोद्धा, वरिष्ठ पत्रकार, मातृभाषा उन्नयन संस्थान के संरक्षक डॉ. वेदप्रताप वैदिक को रविवार को शिवाजी सभागार में साहित्य जगत ने शब्दांजलि अर्पित […]
