इंदौर (म.प्र.) साहित्य राष्ट्र का दर्पण हेता है | प्रत्येक साहित्यकार अपनी रूचि के अनुसार विविध विधाओं के माध्यम से अपने लेखन धर्म को संपन्न करता है किन्तु राष्ट्र हित व राष्ट्र उत्थान सदैव साहित्य का मूल रहा है | राष्ट्रीय चिंतन के इसी क्रम में यदि किसी क़लमकार को […]
भारतेन्दु मण्डल की अंतिम आभा रहे रत्नाकर इन्दौर। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर द्वारा कालजयी साहित्यकार स्मरण शृंखला में मंगलवार को सुप्रसिद्ध साहित्यकार, बृज भाषा की लब्धि जगन्नाथ दास रत्नाकर को आदर के साथ स्मरण किया। उनके जीवन चरित्र और कृतित्व पर साहित्यमंत्री डाॅ. पद्मा सिंह ने विस्तार से […]
इन्दौर। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘सृजन विविधा’ में रचनाकारों के रचनापाठ के साथ-साथ मात्रिक कार्यशाला भी आयोजित की गई। शिक्षिका मनीषा व्यास ने छंद के विधान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक व समिति की साहित्य मंत्री डॉ. पद्मा सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि […]
