मेरे भी दिल मे अभी, उम्मीदे बहुत बाकी है। बस सभी का साथ चाहिए। पर्यावरण को बचाने के लिए । इंसानों का साथ चाहिए। जो हर मोड़ पर साथ दे, इसे बचने के लिए।। तप्ती हुई इस धूप में, शीतल सी छाया चाहिए। जो हाल गर्मी से हो रहा है […]
बेजुबान हथिनी के साथ क्यों किया क्रूर आघात फल से विश्वासघात किया मानवता पर वार किया इंसान नही जानवर कहिए ईश्वर से कुछ तो डरिए घोर पाप का पर्याय है ये क्रूर हत्या अपराध है ये हथिनी हत्यारे बचने न पाए कड़ा सबक जरूर सिखाये ऐसी पुनरावृत्ति होने न पाए […]
पर्यावरण को लेकर तमाम देशों की अब तक की जो धारणाएं हैं, जो नीतियां हैं, उनमें व्यापक बदलाव किये जाने और एक साझा नीति बनाकर पूरी दुनिया को एक साथ आगे बढ़ने का समय आ गया है। कोरोना संक्रमण ने पूरी दुनिया को प्रकृति और पर्यावरण पर अपनी सोच को […]
हवा सोच रही दवा को देख रही नज़ारे धरा में ज़हरीली हो गई है हवा लेना होगा सबको दवा ग़र न चेते समय से हम नज़र न आयेगी ये धरा हरे भरे वृक्षो को काटे तमस सबको मारे चाटे कंक्रीट के तो वृक्ष लगे न देगे पाएंगे शुद्ध हवा चाहे […]
रो पड़ता हूं जब पढ़ता हूं अख़बारों को। रों पड़ता हूं मै,जब पढ़ता हूं अख़बारों को। कहां छिपे है ये नेता,पूछता हूं इन दीवारों से।। दीवारें भी गुमसुम खड़ी है,कुछ न बोल पाती है। देख कर घर के दृश्यों को,वे भी आंसू बहाती है।। घर घर शोक दिवस है,मृत्यु ने […]
लाकडाउन के दौर में अर्थव्यवस्था बीच में बाजार में गिर गयी थी। उसे उठाने का प्रयास तब पुलिस वालों ने किया लेकिन वे उसे उठा नहीं पाये। पुलिस वाले तो उस पर सिर्फ लाठियां चला रहे थे और कह रहे थे कि मुआ अर्थव्यवस्था को भी इसी लाकडाउन के वक्त […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।