पर्यावरण

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मेरे भी दिल मे अभी,
उम्मीदे बहुत बाकी है।
बस सभी का साथ चाहिए।
पर्यावरण को बचाने के लिए ।
इंसानों का साथ चाहिए।
जो हर मोड़ पर साथ दे,
इसे बचने के लिए।।

तप्ती हुई इस धूप में,
शीतल सी छाया चाहिए।
जो हाल गर्मी से हो रहा है ।
उसे शीतल करने एक,
ठंडी सी लहर चाहिए ।।

बिना वृक्षो के कारण ही,
यह हाल है गर्मी का।
उससे बचने के लिए,
वृक्षारोपन करना चाहिए।
तभी इन गर्म हवाओं को,
शीतल हम कर पाएंगे।
और अपने देश का,
पर्यवरण को बचा पाएंगे।।

इस लक्ष्य को पाने के लिए।
पर्यवरणको बचाने के लिए।
एक जूनून हर देशवासियो के,
दिलमें बस भरपूर चाहिए।
और सभी का साथ चाहिए।।

आज पर्यावरण दिवस को सभी देशवासियों को बधाई और शुभ कामनाएं।

जय जिनेन्द्र देव की
संजय जैन ( मुम्बई)

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

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