इंदौर । हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान के राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी ने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेतु ऋषभदेव निवासी नरेंद्रपाल जैन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री जैन हिन्दी कवि सम्मेलनों […]

छोड़कर सब कुछ अपना शरण तुम्हारी आया हूँ। अब अपनाओं या ठुकराओं तुम्हें ही निर्णय करना है। मेरी तो एक ही ख़्यास गुरुवर तुम से है। की अपने चरणों में मुझे जगह तुम दे दो।। किया बहुत काला गोरा मैंने अपने जीवन में। कमाया बहुत पैसा मैंने अपनी करनी से। […]

सबका भला करते रहो प्रभु का नाम जपते रहो मिट जायेगे सारे झंझट प्रभु पर विश्वास करते रहो जिसने भेजा हमे धरा पर वही देगा हमे धरा पर शंका कोई करना नही विश्वास डगमगाना नही जो होना है होकर रहेगा सृष्टि चक्र चलता रहेगा सदकर्म अपना करते रहो परमात्म पथ […]

कृषि बिल पास होना किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है ।कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 को ध्वनि मत से पारित किया गया। इसे किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम […]

एक ओर जहाँ देश में ‘हिन्दी दिवस’ और ‘हिन्दी सप्ताह’ मनाया जा रहा था तो दूसरी ओर हिन्दी दिवस के दिन ही लोकसभा में एक माननीय सांसद हिन्दी की जड़ में मट्ठा डाल रहे थे. माननीय जगदंबिका पाल जी खुद भी भोजपुरी क्षेत्र के नहीं हैं लेकिन उन्होंने संसद में […]

क्यो समझते है, लड़की है पराया धन लड़का है अपना धन जबकि दोनों लेते है एक कोख से जन्म। दोनों की जन्म मै मां को होती हैं एक सी पीड़ा दोनों ही जन्म के बाद करते है एक सी क्रीड़ा। ये हैं एक प्रकृति नियम फिर भी समझते है लड़की […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।