कल्याण का पथ

Read Time0Seconds

छोड़कर सब कुछ अपना
शरण तुम्हारी आया हूँ।
अब अपनाओं या ठुकराओं
तुम्हें ही निर्णय करना है।
मेरी तो एक ही ख़्यास
गुरुवर तुम से है।
की अपने चरणों में
मुझे जगह तुम दे दो।।

किया बहुत काला गोरा
मैंने अपने जीवन में।
कमाया बहुत पैसा
मैंने अपनी करनी से।
पर मुझको मिली नहीं
कभी भी मन में शांति।
जो तेरा दर्शन करके
मिला मुझको जो शुकुन।।

ये दौलत और सौहरत
सभी कुछ बेकार है।
कमालो जितना भी तुम
अपने जीवन में यहाँ।
यही छोड़ जाओगें सारी
अपनी दौलत सौहरत को।
तेरे संग जाएंगे केवल
तेरे किये गये कर्म।।

तेरे कर्मो के कारण ही
तुझे मिलेगा नया जन्म।
और अपनी करनी का
तुझे भोगना होगा फल।
यदि किया होगा तुमने
जीवन में कुछ दानधर्म।
तो अच्छी पर्याय पाओगें
फिर से लेकर मनुष्य जन्म।।

धर्म से बढक़र जीवन में
और कुछ होता ही नहीं।
धर्म पर चलने से तुमको
मिलेगा मुक्ति का पथ।
इसलिए समझ लो तुम
पैसा ही सब कुछ नहीं।
जीवन जीने का आनंद
धर्म ध्यान करने से मिलता।।

जय जिनेन्द्र देव
संजय जैन मुंबई

1 0

matruadmin

Next Post

कवि नरेन्द्रपाल जैन राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष

Mon Sep 21 , 2020
इंदौर । हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान के राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी ने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेतु ऋषभदेव निवासी नरेंद्रपाल जैन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री जैन हिन्दी कवि सम्मेलनों […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।