दिल करता है मेरा, जिंदगी तुझे दे दू। जिंदगी की सारी खुशी तुझे दे दू। दे दे अगर तू मुझे, भरोसा अपने दिलका। यकीन करले तू मेरा, दे दूंगा अपनी साँसे।। दिया है अब तक साथ, आगे भी उम्मीद रखता हूँ। तेरे जैसे दोस्त को, अपने दिलमें रखता हूँ। और […]
आजादी के झंडे को हम , आत्मविश्वास से फहराएंगे , जीवन की उपलब्धियों को हम , देश के नाम करायेंगे , संविधान के अनुच्छेदों को , शब्द-शब्द हम देश के काम लाएंगे , आजादी के लहू को हम , जीवन भर याद रखेंगे , 26 जनवरी को शपथग्रहण कर , […]
पाकिस्तानी उर्दू अखबार जमींदार के सम्पादक मौलाना जफ़र अली खाँ ने एक बार किसी नौसिखिये शायर से आज़िज़ होकर उसे समझाते हुए कहा था- तोड़ता है शायरी की टांग क्यों ऐ बेहुनर, शेर कहने का सलीका सीख मेला राम से। सियालकोट (वर्तमान पाकिस्तान) में दीपोके गाँव में 26 जनवरी 1895 […]
मतदाता दिवस पर ले लो बड़ा संकल्प वोटर बनना लाज़मी यही है बड़ा विकल्प देश के नागरिक हो निभाओ अपना फ़र्ज वोटिंग बूथ पर जाकर नाम कराओ अपना दर्ज फिर जब भी होंगे चुनाव नेता करेंगे तुमको याद एड़िया रगड़ेंगे चोखट पर वोट की करेंगे फरियाद देश के भविष्य की […]
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के “लक्ष्यभेद पब्लिकेशंस” से प्रकाशित होने वाली सर्वप्रथम हिन्दी डिजिटल फॉर्मेट की पत्रिका “लक्ष्यभेद हिंदी ई-पत्रिका” के वेब पोर्टल पर आपका स्वागत है। आज आपके सामने प्रस्तुत है रचनाकार आशा बंसल की एक कविता जिसका शीर्षक है “हर रोज हिंदी दिवस”: हिंदी भाषा भारत की […]
तुम मुझको दो खून अपना , मै तुमको दे दूंगा आजादी | यही सुनकर देश वासियों ने, अपनी जान की बाजी लगा दी || यही सुभाष का नारा था , जिसने धूम मच दी थी | इसी विश्वास के कारण ही उसने हिन्द फ़ौज बना दी थी || याद करो […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।