कल से कल तक मैं आज को ढूंढ रहा हूँ। जीवन के बीते पलो को, आज में खोज रहा हूँ। शायद मुझे वो पल आज में मिल जाये ।। गुजरा हुआ समय, कभी वापिस नहीं आता। मुँह से बोले शब्द भी, कभी वापिस नहीं आते। इसलिए बहुत सोच समझकर, शब्दो […]
प्रिय साथियों, महात्मा गाँधी संस्थान के सृजनात्मक लेखन एवं प्रकाशन विभाग द्वारा १९७८ से त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘वसंत’ (ISSN- 1694-4100) का हिंदी में निरंतर प्रकाशन होता आ रहा है l श्री अभिमन्यु अनत जी इसके प्रथम संपादक थे l प्रवासी हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनका अप्रतिम योगदान अविस्मरणीय है […]
