मै हूं एक मिट्टी का घड़ा, सड़क के किनारे मै पड़ा। बुझाता हूं मै सबकी प्यास, कुम्हार मुझे लिए है खड़ा।। खुदाने से खोदकर मिट्टी लाता है, तब कहीं कुम्हार मुझे बनाता है। बड़ी मेहनत से सुखा तपा कर, तब कहीं वह मुझे बाजार लाता है बुझाता हूं प्यासे की […]

बाबा साहब आपको, हम करते हैं नमन। आभारी रहेंगे आपके, हम जनम जनम। कंटको की राह पर, चलकर दिखाया तुमने। जो कर सका कोई, वो कर दिखाया तुमने। धर्म जातिवाद भेदभाव, का किया विरोध तुमने। हम रचना एक ईश्वर की, ये बताया बाबा तुमने। सर्वधर्म एक हैं ये, पढ़ाया पाठ […]

मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित मालवी संस्था “पचरंगो मालवों इंदौर ” द्वारा पिछले दस वर्षो से लगातार किए जाने वाले नववर्ष प्रतिपदा मालवी दिवस के उपलक्ष्य में एक अंतरराष्ट्रीय मालवी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । जिसमें देश के विभिन्न शहरों कस्बों के साथ विदेश में बसे मालवी भाषा के […]

देश हमारा प्यारा हैं सबका बहुत दुलारा हैं। तभी अनेकता में एकता हम सब का नारा है। देश हमारा प्यारा हैं..।। बहु भाषाएँ होकर भी कश्मीर से कन्याकुमारी तक। भारत देश हमारा हैं जो प्राणो से भी प्यारा हैं। जहाँ जन्मे राम कृष्ण और उन पर लिखने वाले संत। तभी […]

दया,संवेदना आभूषण अपने इस जगत में सभी है अपने जो भी जीव पास है अपने सबका ही रखिए ध्यान ग्रीष्म ऋतु आरंभ हो गई पशु पक्षी प्यासा न रहे कोई ड्योढ़ी व छत पर पानी रख दो खाने की कुछ सामग्री रख दो गर्मी से जीवन बच जायेगा मानवता का […]

जीवन एक कठिन गणित है। इसमें कहीं जोड़ तो कहीं घटाना पड़ता है। इसमें गुणा और भाग को समान अवसर मिलता है। भिन्न भिन्न के भी अंश होते हैं। हर हर के अंदर होता है। इन सब के अतिरिक्त कुछ अजीब बातें हैं इस ज़िंदगी रूपी गणित में- जोड़ तो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।