वंदना

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chanchal
           *कलाधर छंद*
श्वेत  वस्त्र  धारिणी  सुहंस  पै  रही  सवार,
मातु   ज्ञान   दान   दे   सुचेतना  उभार  दे|
अंधकार  हार  के  हरो  सभी  हिये   विकार,
दिप्त   शुभ्र   विश्व   में   सुलोचना   पसार  दे||
तत्व  ब्रह्म  वेद  की  समस्त  ज्ञान  धारिणी  तु,
लेखनी   मयूर   पंख   छंद   बंध   सार  दे|
शब्द   शब्द  में  रहे  स्वराष्ट्र   भावना  समाय,
नीति   सूर्य   के   समान   रोशनी  निखार  दे||
भक्ति  भाव  ज्ञान  से  हरो  सभी  मनोविकार,
दिव्य  भूमि  आज  राम  राज्य  को  प्रसार   दे|
पाप  अंधकार  गर्त  छाँट  के  कुतंत्र  मंत्र,
सत्य   सूर्य   चंद्र   सर्व   प्राण   में   उतार  दे||
स्वप्न  ले  हजार  द्वार  पे  खडा  निहार  मात,
काव्य  शिल्प  व्यंजना  प्रगीत – गीत  वार  दे|
आपकी   उदारता   महानता   विशुद्ध   शुद्ध,
हो  सके  पधार  मातु  मंच  को  प्रसार  दे||
हस्त   बद्ध   हो   चरित्र  भाव  ले  हिये  पवित्र|
श्लेष   वंदना   करें   सदा   चरित्र  शारदे||
#चंचल पाण्डेय ‘चरित्र’
परिचय: चंचल पाण्डेय ‘चरित्र’ की जन्मतिथि-५ अप्रैल १९८९ और जन्म स्थान-रूदपै है। निवास शहर-शंभूगंज (राज्य-बिहार)में है। आपने बी.ए. की शिक्षा हासिल की और गैर सरकारी शिक्षक हैं। आप काव्य लेखन करते हैं,जिसका उद्देश्य-हिन्दी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना है।
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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।