एक गृहणी मात्र घर पर ही नहीं रहती बल्कि वो घर पर ही रह सारे काम बड़ी कुशलता से निभाती है वो घर की *योद्धा* होती है सुबह से उठकर रसोई के काम बच्चों को स्कूल भेजना पति को दफ़्तर या दुकान भेजना हो चाहे सास ससुर की सेवा हो […]
नजर-नजर की अदा कमाल सी झुकी-झुकी घटा कमाल सी। नजर-नजर की मिसाल तारीफ-दर-तारीफ वेमिसाल। नजर-नजर की बातें लगती है सुहानी-सुहानी रातें नजर-नजर की मुलाकातें सताती-सताती है दिन-रातें। नजर -नजर की झुंझलाहट चढा-बढा रही है कड़वाहट। नजर-नजर की वफा मिलकर-मिटाती है दूरियाँ नजर-नजर की प्रभा लेती-देती है दुआ नजर-नजर की सौगातें […]
