गोंदिया। जिला परिषद कार्यालय के बालरक्षक विभाग (समग्र शिक्षा) की ओर से शहर के प्रसिद्ध कवि एवं शिक्षक श्री निखिलेश यादव को 5 अप्रैल को पंचायत समिति कार्यालय में आमंत्रित कर सम्मानपत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान गट विकास अधिकारी श्री प्रकाश निर्वाण के हस्ते प्रदान किया गया। इस […]

एक बार फिर नादान बिल्लियों की लड़ाई में बंदर रोटी ले उड़ा. एक बार फिर भारतीय भाषाओं के नासमझ झगड़े की आड़ में अंग्रेजी ने अपना वर्चस्व सुनिश्चित कर लिया. एक बार फिर भाषा के सवाल पर गंभीर राष्ट्रीय बहस शुरू होने से पहले ही बंद हो गयी. एक बार […]

माँ की ममता, माँ की क्षमता, जिसका दिखता नहीं किनारा साहित्य मंडल ने मनाया काव्यमय मातृदिवस कवियों ने माँ की महिमा का किया गुणगान गोंदिया। मदर्स डे वर्ष में एक दिन मनाना विदेशी संस्कृति का परिचायक है। भारतीय संस्कृति मेंं माँ का सर्वोच्च स्थान है। माँ प्रत्येक श्वांस -श्वांस में […]

🎸 दृष्टिकोण निराला अति यारों, इस अधम मनु जीवन का सार,, अंतरंग बदरंग हुआ प्यारों, कदाचार नहीं सुंदर ढाई आखर प्यार!! 🎸 कोण पढ़ें त्रिकोण पढ़ें, नहीं पढ़ें हम कबहु सदाचार,, सम, षट कोण पोथी पढ़ें, भुल गए पढना ही शिष्टाचार !! 🎸 अल्फा, बीटा, गामा खूब पढ़े, पढ़ लिया […]

गोंदिया। होली के अवसर पर रंग और गुलाल के साथ यदि काव्य की फुहारें भी हो जाए तो होली का आनंद दोगुना हो जाता है। रंगपंचमी के दिन कुछ ऐसा ही प्रयास किया साहित्य मंडल गोंदिया ने। कवि-संगीतकार रमेश शर्मा के निवास श्री सदन में रंगारंग कविगोष्ठी हुई। विशेष बात […]

विद्यालय को जेल समझने वालों तुम इतना सुन लो, ये स्वतंत्रता की उड़ान है, अपने पंख यहाँ चुन लो माना कि अभी वक़्त तुम्हारा है इतिहास पढ़ने का, मिलेगा मौका तुम्हें भी खुद अपना इतिहास गढ़ने का माना कि अभी राह कठिन है, कठिन चढ़ाई पर्वत-सी, थककर तुम यूँ बैठ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।