बचायें हम मिली जो उस अमानत को ,  कसम खाओ ….. न भूलोगे शहीदों की शहादत को , कसम खाओ ….. जन्म भू है हमारी ये , हमें दिल – जान से प्यारी ….. बचा लेंगे बचानी है मुहब्बत को , कसम खाओ ….. हमारा देश है आज़ाद , हम […]

आशा एक सँजोकर कर्मरत रह कर उल्लास भर मन में स्फूर्त भर मन में ।। उपजाओ प्रेमभाव तज सब अहं ताव एकता से बढ़ आगे ईर्ष्या – द्वेष तज कर ।। करना न बहाना है समाज को चेताना है दायित्व निभाना है आलस का दाह कर ।। दीन – दुखी […]

जाति-पाति को छोड़कर,गुरु देते हैं ज्ञान, साथ ही करते हैं दूर,आरक्षण का अज्ञान। हौंसले बुलंद हों शिष्य के,ऐसी प्रेरणा देते हैं, अबोध शिष्य के दिल की बात,तुरंत जान लेते हैं। गुरु और शिष्य का,बहुत ही पावन नाता है, ज्ञान ग्रहण कर शिष्य,बड़े-बड़े पद है पाता। गुरु का पद है बहुत […]

  आया बसंत,आया बसंत, देखो,सबको भाया बसंत गेंदा,गुलाब,मोगरा,चमेली, सब फैलाएँ मिल अपनी सुगंध आया बसंत,आया बसंत। कलिकाओं ने घूंघट खोले, फूल चुपके-चुपके बोले देखो ज़रा दिग् दिगन्त, आया बसंत,आया बसंत। सुरभित कितना नव बसंत, कुसुमित कितना नव बसंत रहे यूँ ही यह जीवन पर्यन्त, आया बसंत,आया बसंत। दिग्भ्रमित कोई भी […]

तुमको पाने की कोशिश,नाकाम हुई, आगे बढ़ने की हमको भी,फ़ुर्सत नहीं प्यार ही ज़िंदगी में,सभी कुछ नहीं, है फिर भी इबादत से,कुछ कम नहीं। ग़म नहीं जो हैं छूटे,राह में रिश्ते, ये किसी ने तो की ही,शरारत नहीं प्यार पाला था हमने,बड़े नाज़ से, पर तुमने ही की तो,हिफ़ाज़त नहीं। […]

गंगा मैया तुम्हें प्रणाम,ले ले जाएं हम तो नाम, जय जय गंगा मैया,जय जय राम,राम, राम। पतित पावनी गंगा देखो,कितनी है ये  पावन, उतर गए जो पानी में,लगे नीर मनभावन। न हो मन निकलने का तो,स्नान करे दिन -शाम, गंगा मैया तुम्हें प्रणाम,ले ले जाएं हम तो नाम। जय जय […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।